बिहार राजनीति में बड़ा बदलाव: नितिन नवीन दे सकते हैं इस्तीफा
Major Shift in Bihar Politics
पटना। Major Shift in Bihar Politics, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शनिवार को बिहार विधानसभा की सदस्यता से त्यागपत्र दे सकते हैं। वे 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव में निर्वाचित हुए थे। अब नियमानुसार 14 दिनों के अंदर राज्यसभा की सदस्यता बचाने के लिए उन्हें विधानसभा की सदस्यता छोड़नी है।
अहम यह है कि त्यागपत्र देने के लिए विधायक को विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष सशरीर उपस्थित होना अनिवार्य है। रविवार को भाजपा अध्यक्ष के पटना प्रवास से लौटने का कार्य निर्धारित है।
इसकी पीछे कारण यह है कि पार्टी में संगठनात्मक दायित्वों के बढते दबाव के कारण उनके लिए एक साथ दिल्ली एवं पटना में भूमिकाओं का निर्वहन करना व्यावहारिक नहीं रह गया है। इसके साथ ही बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की संभावना भी बन गई है।
14 दिनों के भीतर किसी एक सदस्यता से देना होगा त्यागपत्र
दरअसल, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 101 (2) तहत व्रोविजन ऑफ सायमल्टेनियस मेंबरशिप रुल्स 1950 (दो सदनों की एक साथ सदस्यता निषेध नियम) एवं जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के मुताबिक कोई भी व्यक्ति एक साथ संसद व राज्य विधानमंडल का सदस्य नहीं रह सकता। यदि कोई विधायक या विधान पार्षद संसद के किसी सदन लोकसभा या राज्यसभा का सदस्य निर्वाचित हो जाता है, तो उसे 14 दिनों के भीतर किसी एक सदस्यता से त्यागपत्र देना होता है।
ऐसा नहीं करने की स्थिति में राज्यसभा की सीट स्वत: रिक्त हो जाएगी। हालांकि राज्यसभा के लिए निर्वाचित सदस्यों को 10 मार्च को सदस्यता की शपथ दिलाई जाएगी।
उल्लेखनीय है कि शपथ एक अनिवार्य शर्त है पर बिना शपथ भी सदस्य निर्वाचित सदस्य निर्वाचित व्यक्ति है, पूर्ण सदस्य नहीं।
- भारतीय संविधान के अनुच्छेद 99 के अनुसार किसी भी सदस्य को सदन में बैठने या मतदान करने से पहले शपथ/प्रतिज्ञान लेना अनिवार्य है। शपथ लेने के उपरांत ही सदन की कार्यवाही में भाग लेगा। मतदान करेगा। इसके लिए कोई निश्चित समय सीमा नहीं है, क्योंकि कभी कभी चुनाव विवाद, स्वास्थ्य या अन्य कारणों से देरी हो सकती है।
- संविधान के अनुच्छेद 101 के अनुसार यदि सदस्य बिना अनुमति के 60 दिनों तक सदन में अनुपस्थित रहता है तो सीट रिक्त घोषित हो सकती है। शपथ न लेने पर वह उपस्थित भी नहीं माना जाएगा। यदि सदस्य शपथ नहीं ले पा रहा है तो उसे सदन से अनुमति लेनी होती है।